बेंगलुरु , जुलाई 12 -- निर्वाचन आयोग ने कहा है कि जिन मतदाताओं के नाम पहले से ही मौजूदा मतदाता सूची में हैं, उन्हें मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी।
आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम पहले से ही मतदाता सूची में शामिल हैं, उन्हें बस अपनी जानकारी सत्यापित करनी होगी और 'गणना पत्र' जमा करना होगा। ऐसे मतदाताओं से कोई सहायक दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा, जब तक कि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न हो या आगे और सत्यापन की ज़रूरत न पड़े।
अधिकारियों ने कहा कि अगर मतदाता द्वारा दी गई जानकारी मौजूदा मतदाता डेटाबेस से मेल खाती है, तो बिना किसी अतिरिक्त सबूत के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। हालाँकि, अगर कोई गड़बड़ी मिलती है या जानकारी सत्यापित नहीं हो पाती है, तो दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे घर-घर जाकर सत्यापन करने वाले 'बूथ लेवल अधिकारी ' (बीएलओ) का सहयोग करें और पक्का करें कि उनकी निजी और पारिवारिक जानकारी सही है।
उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची को अपडेट करना है, जिसमें फर्जी, मृत और अयोग्य लोगों के नाम हटाए जाएंगे और यह पक्का किया जाएगा कि सभी योग्य नागरिक सूची में शामिल रहें। यह कार्य कई चरणों में किया जा रहा है और दावों व आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ पूरा होगा।
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