जयपुर , नवम्बर 03 -- राजस्थान सहित 12 राज्यों में मंगलवार से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बीएलओ घर-घर जाकर सर्वेक्षण का काम शुरू करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने सोमवार को बताया कि चार नवम्बर से चार दिसम्बर तक की यह अवधि काफी अहम है क्योंकि इसमें राज्य के सभी बीएलओ मतदाताओं के घर-घर पहुंचकर उनसे दो प्रतियों में गणना प्रपत्र भरवाएंगे जिसमें से एक प्रति रसीद के तौर पर मतदाता के पास ही रहेगी।
श्री महाजन ने बताया कि राज्य में 2025 की वर्तमान मतदाता सूची के अऩुसार पांच करोड़ 48 लाख 84 हजार 827 मतदाता हैं। इसमें दो करोड 84 लाख पुरूष, दो 65 लाख महिला और 681 अन्य मतदाता हैं। इनकी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारियों के द्वारा गणना प्रपत्र भरवाकर जांच की जानी है।
श्री महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गणना प्रपत्र काफी आसान बना दिया है। अब यह एक ही पृष्ठ का है और उसमें भी मतदाता से संबंधित सूचनाएं जैसे - नाम, ईपिक नंबर, पता एवम वर्तमान मतदाता सूची के अनुसार भाग एवम क्रमांक संख्या पहले से ही भरी हुई आ रही हैं। साथ ही मतदाता की फोटो भी गणना प्रपत्र पर छपी हुयी है। बीएलओ घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे और उसे भरने में सहायता भी करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रपत्र में मतदाता को जन्म तिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), पिता या अभिभावक का नाम एवं ईपिक नंबर (वैकल्पिक), माता का नाम एवं ईपिक नंबर (वैकल्पिक), मोबाइल नंबर जैसी मूल जानकारियां भरनी होंगी। इसके साथ ही एक नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो चिपकानी होगी।
श्री महाजन ने बताया कि गणना प्रपत्र में ही विगत एसआईआर की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं की सूचनाएं लेकर भरी जानी है जिन मतदाताओं का स्वयं का नाम विगत एसआईआर में शामिल नहीं है किंतु उनके रिश्तेदार जैसे माता-पिता/ दादा-दादी / नाना-नानी आदि का नाम शामिल है तो गणना प्रपत्र में उक्त रिश्तेदार का विवरण भरा जाकर मैपिंग की जाएगी।
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