रांची , अक्टूबर 24 -- झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता कैलाश यादव ने एसआईआर-2026 को लेकर सामने आए आरटीआई से जुड़े खुलासों के बाद केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
श्री यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से पूछा कि देश में एसआईआर कराने का फैसला किसके आदेश पर लिया गया और इसके तहत कथित तौर पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से क्यों हटाए गए।
श्री यादव ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज की ओर से दायर आरटीआई के जवाब में एसआईआर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। उनके अनुसार, इस मामले में चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से निर्णय लिए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने के तरीके और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए।
श्री यादव ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी के बीच उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग की भूमिका और कार्यशैली को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने 29 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथ को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इसके बाद मामला आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त के पास भेजे जाने की बात सामने आई।
राजद प्रवक्ता श्री यादव ने कहा कि इन घटनाक्रमों के बाद एसआईआर की प्रक्रिया, फैसले लेने के तरीके और चुनाव आयोग की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने एसआईआर रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्षी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
श्री यादव ने आरोप लगाया कि बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और असम समेत विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में लगभग 13 करोड़ 37 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से इस संबंध में स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन की ओर से एक नवंबर को दिल्ली में महारैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह रैली केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के आंदोलन को नई दिशा देगी। महारैली में झारखंड से हजारों लोगों के शामिल होने की बात भी उन्होंने कही।
झारखंड में भाजपा की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि पार्टी आंतरिक कलह से जूझ रही है और उसके वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा को नकार चुकी है और राज्य में पार्टी के दोबारा सत्ता में आने की संभावना दूर-दूर तक नहीं दिखती।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित