बेंगलुरु , मई 24 -- कर्नाटक के पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण ' (एसआईआर ) का बचाव करते हुए कहा है कि इस कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल असली भारतीय नागरिकों को ही वोट डालने का अधिकार मिले।

श्री पुजारी ने रविवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस की आलोचना राजनीति से प्रेरित है और पार्टी से आग्रह किया कि वह गलत जानकारी फैलाने के बजाय इस पहल में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि इस कवायद का उद्देश्य अवैध निवासियों और फर्जी मतदाताओं को वोट का अधिकार हासिल करने से रोकना है, और यह भी सुनिश्चित करना है कि योग्य भारतीय नागरिक मतदाता सूचियों में शामिल हों।

श्री पुजारी ने कहा कि जिन लोगों के पास उचित दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें भारतीय नागरिकता का सबूत मांगने वाले नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर कवायद के मुख्य उद्देश्यों में से एक अवैध प्रवासियों और उन लोगों को वोट का अधिकार हासिल करने से रोकना है, जिन पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने का आरोप है।

भाजपा सांसद ने कुछ आपराधिक मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर कर्नाटक सरकार की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि इस कदम से "असामाजिक" और "हिंदू-विरोधी" तत्वों को फायदा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस थानों पर हमले और मंदिर के भक्तों को धमकियां देने जैसी घटनाओं से जुड़े मामले वापस ले लिए गए हैं, और दावा किया कि ऐसे फैसलों से हिंसा और साजिश वाली गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर कांग्रेस की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री पुजारी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार की बार-बार आलोचना करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, और कई अन्य देश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। श्री पुजारी ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोलियम के भंडारण, आयात, वितरण और उत्पादन पर नियंत्रण के माध्यम से भारत में ईंधन की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है।

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