, July 29 -- मास्को, 29 जुलाई (स्पुतनिक/वार्ता) अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) की महानिदेशक एमी पोप ने कहा, "एशिया में मानव तस्करी के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। इनका उद्देश्य धोखाधड़ी करने वाले कॉल सेंटरों के लिए ज़बरदस्ती मज़दूर उपलब्ध कराना है और सिर्फ़ तीन देशों में ही तीन लाख से ज़्यादा लोग इन गतिविधियों में शामिल हैं।"जिनेवा में मंगलवार को एक ब्रीफिंग के दौरान, सुश्री पोप ने कहा कि म्यांमार, कंबोडिया और लाओस में काम करने वाले बड़े धोखाधड़ी कॉल सेंटरों में लगभग तीन लाख लोग काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें से बहुत सारे लोग भर्ती के दौरान धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं जिसमें अंग्रेज़ी भाषा की जानकारी और कॉलेज की डिग्री वाले उम्मीदवारों को आकर्षक अनुबंध देने वाली फ़र्ज़ी जॉब पोस्टिंग का झांसा देकर ठगा गया।
सुश्री पोप ने कहा कि पीड़ितों से उनके पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं और उन्हें हिंसा की धमकियों के तहत ऑनलाइन घोटाले करने के लिए मजबूर किया जाता है।
आईओएम के अनुसार, लोगों को मानव तस्करी में फंसाया जा रहा है और उनसे साइबर ठगी, गैर-कानूनी वित्तीय लेन-देन, मादक पदार्थों की तस्करी और दूसरे अपराध जैसी गैर-कानूनी गतिविधियां करवाई जा रही हैं। अक्सर उन्हें हिंसा, कैद, कर्ज के जाल और मानसिक दबाव जैसी स्थितियों में ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता है।
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