कुआलालम्पुर , मई 14 -- भारत में एमएमए फैंस के लिए एक अच्छी खबर। भारत में इस खेल के आइकन बन चुके संग्राम सिंह अब अपनी चौथी फाइट लड़ने जा रहे हैं। वह मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में एशिया चैम्पियन टाइटल के लिए फाइट लड़ने वाले पहले भारतीय होंगे। उनका पाला इस बार पाकिस्तान के आबिद अली से रविवार, 19 जुलाई को पड़ने वाला है, जो एमएमए में कई मुकाबले जीत चुके हैं।

मलयेशिया स्ट्राइक एमएमए चैम्पियनशिप के आयोजक मुहम्मद लुकमन हाकिम बिन अब्दुल्लाह ने इस आशय का एक आमंत्रण संग्राम सिंह और उनके कोच भूपेश कुमार के नाम भेजा है, जिसे संग्राम सिंह ने स्वीकार कर लिया है। इस आमंत्रण में कहा गया है कि यदि वह उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं तो यह उनके और उनके देश के लिए बहुत ही सम्मान की बात होगी।

खेल मंत्रालय के फिट इंडिया आइकन संग्राम सिंह इस बात को लेकर बेहद रोमांचित हैं कि उन्होंने अपने एमएमए करियर की शुरुआत पाकिस्तान के ही फाइटर (अली रज़ा नसीर) के ही खिलाफ तिबस्ली (जॉर्जिया) में की थी जिन्हें उन्होंने गामा इंटरनैशनल फाइटिंग चैम्पियनशिप के अंतर्गत दूसरे राउंड में धराशायी कर दिया था और अब अपनी चौथी फाइट भी वह पाकिस्तानी फाइटर के खिलाफ लड़ेंगे।

इन दोनों मुक़ाबलों के बीच संग्राम सिंह ने नीदरलैंड में ट्यूनीशियाई फाइटर हाकिम ट्रैबेल्सी के खिलाफ फाइट को दूसरे राउंड में हराया। वहीं पिछले दिनों अर्जेंटीना के शहर ब्यूनस आयर्स में उन्होंने फ्लोरियन काउडियर को महज एक मिनट 45 सेकंड में शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। उन्हें अर्जेंटीना में फाइट जीतने वाले पहले भारतीय होने का गौरव हासिल हुआ। गौरतलब है कि 42 साल के संग्राम सिंह से फाइट करने वालों में कोई उम्र में उनसे 16 साल छोटा होता है तो कोई 15 साल छोटा। आबिद की उम्र के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी उम्र का उन्हें फिलहाल कोई अंदाज़ा नहीं है लेकिन वह एक अनुभवी फाइटर है और एमएमए में कई फाइट जीत चुके हैं।

कॉमनवेल्थ हैवीवेट चैम्पियन संग्राम सिंह ने कहा कि वह 83 से 89 किलो वर्ग के वजन वर्ग में इस बार चुनौती रखेंगे। उन्होंने कहा कि क्योंकि सामने पाकिस्तानी है और दोनों देशों का कोई भी स्पोर्ट्स फैन एक दूसरे के खिलाफ हार को कभी बर्दाश्त नहीं करते। इसी बात को लेकर वह थोड़े से तनाव में हैं लेकिन इस फाइट को लेकर वह काफी उत्साहित भी हैं क्योंकि यह उनके लिए एक बहुत बड़ा चैलेंज है। उन्हें विश्वास है कि उनकी फाइट युवा खिलाड़ियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करनेे के लिए प्रेरित करेगी। अगर कोई एक भी ऐसा करने में सफल हो गया तो उन्हें बहुत खुशी होगी।

संग्राम सिंह खेल मंत्रालय की फिट इंडिया मूवमेंट के ब्रैंड एम्बेसडर हैं। भारत में एमएमए के खेल आइकन बन चुके हैं। इससे पहले वह देश के पहले कॉमनवेल्थ हैवीवेट चैम्पियन बने। वह भारत सरकार के फिट इंडिया आइकन और ब्रैंड एम्बेसडर हैं। वह खुद भी ग्रीकोरोमन शैली की कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे हैं। लम्बे समय तक नैशनल कैम्प में रहे। फिर पेशेवर रेसलिंग की। वहां से एक्टर, मोटिवेशनल स्पीकर का सफर तय करने के बाद वह एमएमए में अपनी चौथी फाइट लड़ने जा रहे हैं।

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