सहारनपुर , सितंबर 30 -- सहारनपुर की होनहार एथलीट प्राची चौधरी ने एशियाई खेल-2026 (जापान) में भाग लेने से पूर्व यहां सहारनपुर के अपने झबिरन गांव में अपनी मां राजेश और पिता जयवीर सिंह से अबकी स्वर्ण पदक जीतने का वायदा पूरा कर दिखाया है। उसके माता-पिता ने आज कहा कि उनकी लाड़ली बेटी ने भारत का नाम दुनिया में रौशन कर उनका गौरव बढ़ाया है।

प्राची के पिता जयवीर सिंह ने आज बताया कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार ने युवा खिलाड़ियों को हर तरह की जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। पहले उनकी बेटी को प्रेक्टिस करने के लिए दूसरे राज्यों के खेल मैदानों पर जाने को मजबूर होना पड़ता था। अब उन्हें उत्तर प्रदेश में ही अपने खुद के इलाकों में खेलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और सभी जरूरी सुविधाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा दिलचस्पी लेकर स्थानीय स्तर पर प्रदान की जा रही है।

प्राची चौधरी ने अपनी तीन अन्य साथियों के साथ चार गुणा चार सौ मीटर रिले दौड़ में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया और साथ ही प्राची चौधरी ने इस बार चार सौ मीटर दौड़ में कांस्य पदक भी हासिल किया। उन्होंने गोल्ड मैडल जीतने के बाद सहारनपुर के खेल अधिकारी राहुल चौपड़ा को वीडियो भेजकर अपने उद्गार व्यक्त किए। प्राची ने कहा कि रिले दौड़ के फाइनल में मुकाबले से पहले उन्होंने अपने माता-पिता से गोल्ड मैडल जीतने का आशीर्वाद लिया। उसी सपने को साकार करने के लिए उसने गोल्ड मैडल के लिए शानदार फर्राटा भरा।

खेल अधिकारी राहुल चौपड़ा ने आज बताया कि प्राची चौधरी को पिछले दो सालों से तीस हजार रूपए मासिक स्कालरशिप प्रदान की जा रही है। पहले वह रेलवे विभाग में कार्यरत थी। लेकिन उनके उत्कृष्ट खेल और उपलब्धियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक दल के विकास अधिकारी के पद पर नियुक्त किया हुआ है। जापान से वापसी के बाद इस बात की प्रबल संभावना है कि राज्य सरकार प्राची चौधरी की इच्छा और मांग को देखते हुए उन्हें पुलिस विभाग में उपाधीक्षक के पद पर नियुक्त कर सकती है।

प्राची चौधरी ने बताया कि उनके पिता गांव झबिरन के छोटे से किसान है और उनकी मां राजेश गृहिणी है। पूरे परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को टीवी पर प्राची को स्वर्ण पदक जीतते देखा तो खुशी में उनकी आंखों से अश्रुधारा बह निकली। स्वर्ण पदक वाली इस स्पर्धा में उन्होंने 3:29.69 का समय लिया। उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर की व्यक्तिगत दौड़ में 53.21 सेकंड का समय लेकर कांस्य पदक भी अपने नाम किया। एशियन गेम्स-2023 हांगझोउचीन में उन्हांेने रजत पदक जीता था।

सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र के झबिरन गांव की पगडंड़ियों और खेतों के कच्चे रास्तों से दौड़ का अभ्यास शुरू करने वाली प्राची चौधरी ने कड़ी मेहनत और दृढ़संकल्प के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी इस उपलब्धि पर सहारनपुर के लोग जमकर झूमे। वे अपनी इस लाड़ली बेटी के वतन वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

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