नयी दिल्ली , अगस्त 23 -- दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।
नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।
राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4x400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।
साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।
वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।
ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।
तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।
झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते - छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित