रायपुर , मार्च 26 -- भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कहा है कि एशियन गेम्स मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वहां मेरा अभी भी कुछ काम शेष है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बुधवार को उद्घाटन समारोह के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में मीराबाई ने कहा, "एशियन गेम्स मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वहां मेरा अभी भी कुछ अधूरा काम बाकी है। एशियन गेम्स में मुकाबले का स्तर बहुत ऊंचा होता है, जो इसे और भी अधिक चुनौतीपूर्ण और रोमांचक बनाता है।"मीराबाई के सामने एक बड़ी चुनौती अपनी वेट कैटेगरी (वजन वर्ग) को एडजस्ट करना रही है। उन्होंने अधिकतर 49किग्रा वर्ग में ही हिस्सा लिया है, लेकिन अब इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यूएफ) द्वारा वजन वर्गों में किए गए बदलावों के कारण उन्हें अलग-अलग कैटेगरी के बीच स्विच करना पड़ेगा।
मीराबाई 23 जुलाई से दो अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48किग्रा कैटेगरी में हिस्सा लेंगी, और उसके बाद 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में पदक जीतने की एक और कोशिश के लिए वापस 49 किग्रा भार वर्ग में आ जाएंगी।
मीराबाई ने बताया, "मैं कॉमनवेल्थ गेम्स तक अपना वजन 48 किग्रा के अंदर ही रखूंगी, लेकिन उसके दो महीने के अंदर ही एशियन गेम्स होने हैं, जो कि 49किग्रा भार वर्ग में हैं, इसलिए मुझे वापस उसी कैटेगरी में जाना पड़ेगा।"मीराबाई ने फरवरी में नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अपना 2026 का सीजन शुरू किया और महिलाओं की 48 किग्रा भार वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। इस चैंपियनशिप में, मीराबाई ने स्नैच में 89 किग्रा वजन उठाया - यह उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था, भले ही वह अपनी सामान्य 49किग्रा कैटेगरी से कम वजन वाली कैटेगरी में हिस्सा ले रही थीं।
इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 116 किग्रा का सफल लिफ्ट किया, जो महिलाओं की 48 किग्रा कैटेगरी में नेशनल रिकॉर्ड है। इससे उनका कुल वजन 205 किग्रा हो गया और उन्होंने स्वर्ण पदक जीत लिया।
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