नयी दिल्ली , अगस्त 30 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कुछ समय पहले तक एवोकाडो फल को बहुत कम लोग जानते थे और इसकी मांग भी सीमित थी, लेकिन आज यह लोगों की डाइनिंग टेबल तक पहुंच चुका है।
श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में रविवार को देश में एवोकाडो की बढ़ती लोकप्रियता और इसकी खेती से किसानों को हो रहे लाभ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक एवोकाडो को बहुत कम लोग जानते थे और इसकी मांग भी सीमित थी, लेकिन आज यह लोगों की डाइनिंग टेबल तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ यह प्रीमियम बाजार की पसंद बन रहा है और किसानों के लिए भी आय बढ़ाने का एक नया अवसर पैदा कर रहा है।
उन्होंने आंध्र प्रदेश के कडपा के किसान वरदराज का उदाहरण देते हुए बताया कि वे कई वर्षों से अपने खेत में टमाटर और केले की खेती कर रहे थे। एक दिन उन्होंने अपने दोस्तों के खेत में एवोकाडो की फसल देखी और इसके बाद यूट्यूब के माध्यम से इसकी खेती के बारे में जानकारी हासिल की। वरदराज अब तक करीब चार टन एवोकाडो का उत्पादन कर चुके हैं और स्थानीय दुकानों को सीधे इसकी आपूर्ति कर रहे हैं। नयी फसल, वैज्ञानिक सलाह और सीधी मार्केटिंग ने उनके छोटे से खेत की आमदनी में बड़ा बदलाव किया है।
श्री मोदी ने तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चंद्रशेखरन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखरन ने आधा हेक्टेयर जमीन पर एवोकाडो की खेती शुरू की और उन्हें इसके अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। इसी तरह कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में कुछ किसानों ने कॉफी के बागानों के बीच एवोकाडो के पौधे लगाये हैं। इससे उन्हें कॉफी और काली मिर्च के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शहरों के रेस्तरां में अक्सर एवोकाडो टोस्ट की चर्चा होती है, लेकिन देश के किसानों ने इसी एवोकाडो के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाने का नया रास्ता खोज लिया है। उन्होंने कहा कि देश में उत्पादित एवोकाडो से जहां लोगों के भोजन का स्वाद बढ़ रहा है, वहीं किसानों की आमदनी में भी इजाफा हो रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित