देहरादून , जुलाई 10 -- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में 18 आरोपियों एवं संस्थाओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच में एक लाख से अधिक निवेशकों से करीब 800 करोड़ रुपये की जमा राशि जुटाकर 400 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा हुआ है।

सीबीआई की शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई निवासी समीर अग्रवाल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, जिसने एलयूसीसी के माध्यम से अनियमित जमा योजनाएं संचालित कर निवेशकों की राशि जुटाई। जांच में सामने आया कि धन के गबन के लिए 10 शेल कंपनियों के बैंक खाते खुलवाकर उनमें राशि स्थानांतरित की गई और बाद में लेयरिंग के जरिए सैकड़ों खातों में भेज दी गई। समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हैं। उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए नोटिस एवं सर्कुलर जारी किए गए हैं।

जांच में एलयूसीसी के कई पदाधिकारियों और चेस्ट मैनेजरों की भी साजिश में संलिप्तता पाई गई है, जिन्हें आरोपपत्र में नामजद किया गया है। एजेंसी के अनुसार शाखाओं से नकद एकत्र धनराशि बैंकिंग प्रणाली से बचते हुए विभिन्न स्थानों पर पहुंचाई जाती थी।

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