फगवाड़ा , अक्टूबर 08 -- पंजाब में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हाल में हुई हिंसा के मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने अब तक 89 युवकों को नामजद किया है, जिनमें विश्वविद्यालय के 80 से अधिक विद्यार्थी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार मामले में अब तक 17 युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 15 एलपीयू विद्यार्थी हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गुरुवार को मामले में चार एलपीयू विद्यार्थियों को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) प्रियंका सोंधी की अदालत में पेश किया गया। ये सभी सतनामपुरा थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 163 से संबंधित हैं। अदालत में पेश किए गए आरोपियों में राजस्थान के जयपुर निवासी योग्या अग्रवाल और राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सिरियासर कलां निवासी कुशल शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को सात अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। अदालत ने दोनों को आगे की जांच के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
इसी मामले में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर निवासी इशुश महाजन और हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी अनुज को भी अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कपूरथला केंद्रीय जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार अदालत में पेश किए गए चारों आरोपी एलपीयू के विद्यार्थी हैं।
पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, एलपीयू हिंसा से जुड़े मामलों में विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों के छात्र शामिल हैं।
पुलिस सूची के अनुसार प्राथमिकी संख्या 106 के मामले में कृष्ण कुमार और भविष्य करण को गिरफ्तार किया गया है, जबकि प्राथमिकी संख्या 163 में जेम्स दहिया, अंतरिक्ष दत्ता, साहिल सिंह, इशुश महाजन, अनुज, कुशल और योग्या अग्रवाल सहित अन्य विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान हिमाचल प्रदेश के मंडी निवासी एक नाबालिग का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा राजस्थान के कोटा निवासी जयंत और हरियाणा के रोहतक निवासी आर्यन सहित अन्य युवकों को भी जांच में नामजद किया गया है।
पुलिस ने एलपीयू के विद्यार्थियों के अलावा दो ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की भी जानकारी दी है जिन्हें जांच में बाहरी व्यक्ति बताया गया है। इनमें फगवाड़ा के सोआमी परम नगर निवासी जस्मीत कुमार और फगवाड़ा निवासी गगनदीप उर्फ कोठा शामिल हैं।
एलपीयू परिसर में हिंसा के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अब नामजद किए गए युवकों की भूमिका, घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है और विभिन्न आरोपियों की भूमिका की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित