महासमुंद , मई 28 -- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में करोड़ों रुपये मूल्य की एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों के गबन और कालाबाजारी मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने गुरुवार को यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मामले में आरोपी घटना के बाद से फरार थे। उनकी तलाश के लिए महासमुंद पुलिस की अलग-अलग टीमों को रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर भेजा गया था। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र स्थित शांति विहार कॉलोनी निवासी संतोष सिंह ठाकुर (57) और उसके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने संतोष ठाकुर के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार सिंघोड़ा थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 96/25 के तहत 24 दिसंबर 2025 को छह एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया गया था। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन वाहनों को उरला रायपुर स्थित ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के संचालक संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया था।
जांच में खुलासा हुआ कि सुपुर्द किए गए ट्रकों में से पांच कैप्सूल ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस, जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपये बताई गई है, का आपराधिक षड्यंत्र के तहत गबन कर लिया गया। मामले में पुलिस ने आपराधिक न्यास भंग, कूट रचना और कालाबाजारी से संबंधित धाराओं के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत अपराध दर्ज किया है।
इस मामले में पुलिस इससे पहले जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि गैस हेराफेरी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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