नयी दिल्ली , अप्रैल 16 -- मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बीच रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी के खिलाफ तेजी तथा मजबूती के साथ अभियान चलाया जा रहा है और बुधवार को देश भर में 2500 से अधिक छापे मारे गये।
पश्चिम एशिया संकट के बारे में जानकारी देने के लिए गुरुवार को आयोजित अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि खान मंत्रालय कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाओं से निपटने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को देशभर में 2,500 से अधिक छापे मारे गए, जबकि तेल विपणन कंपनियों ने 238 एलपीजी वितरकों पर दंड लगाया और अनियमितताओं के कारण 63 को निलंबित किया।
खान मंत्रालय ने बताया कि मंत्रालय ने हितधारकों के साथ व्यापक बातचीत की है और अप्रैल के प्रारंभ में एल्युमिनियम उत्पादकों, तांबा उद्योग प्रतिनिधियों और प्रमुख उद्योग संगठनों जैसे एफआईएमआई, फिक्की, सीआईआई, पीएचडीसीसीआई और एसोचैम के साथ तीन महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों से प्राप्त सुझावों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों के साथ साझा किया गया है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि धातु सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एलपीजी आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जोर दिया कि होरमुज़ जलडमरूमध्य से संबंधित घटनाक्रमों के बावजूद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। नागरिकों को घबराहट में खरीदारी न करने, आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा रखने, ऊर्जा की बचत करने और पीएनजी तथा विद्युत आधारित खाना पकाने जैसे वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति बनाए रखी गई है, जबकि व्यावसायिक एलपीजी को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, औषधि, इस्पात, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता के साथ आवंटित किया जा रहा है। सरकार ने रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाया है, एलपीजी बुकिंग अंतराल को संतुलित किया है और मांग के दबाव को कम करने के लिए केरोसीन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए हैं।
सरकार ने कहा है कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर है और किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है, जबकि डिजिटल उपयोग बढ़कर लगभग 98 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन होने लगी है।
कमजोर वर्गों को राहत देने के लिए, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति दोगुनी कर दी गई है, और मार्च के अंत से अब तक 15.5 लाख से अधिक सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने इन सिलेंडरों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 5,600 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं।
प्राकृतिक गैस क्षेत्र में, घरेलू पीएनजी और परिवहन सीएनजी की पूर्ण आपूर्ति बनाए रखी गई है, जबकि उर्वरक संयंत्रों के लिए गैस आवंटन उनकी औसत खपत के लगभग 95 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। सरकार पीएनजी अवसंरचना के विस्तार पर भी जोर दे रही है, जिसके तहत मार्च से अब तक 4.5 लाख से अधिक नए कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं और सिटी गैस वितरण कंपनियों द्वारा प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
तेल रिफाइनरी संचालन उच्च क्षमता पर जारी है और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, साथ ही घरेलू एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। सरकार ने औषधि और रसायन जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की आपूर्ति भी सुनिश्चित की है।कम आय वाले परिवारों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्यों को अतिरिक्त केरोसीन आवंटित किया गया है।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं तथा पिछले 24 घंटों में कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। अब तक 2,400 से अधिक भारतीय नाविकों को वापस लाया जा चुका है और देशभर में बंदरगाह संचालन बिना किसी बाधा के जारी है।
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