लखनऊ , मार्च 26 -- लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में 18 अप्रैल से शुरू होने जा रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। योजना का अधिकतम लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए।
प्रथमेश कुमार ने निर्देश दिया कि सभी बकायेदारों की सूची तैयार कर उन्हें ओटीएस योजना की जानकारी हर हाल में पहुंचाई जाए। इसके लिए कॉल सेंटर और आईटी सेल के माध्यम से फोन, मैसेज और ई-मेल भेजे जाएंगे। यदि किसी से संपर्क नहीं हो पाता है तो उन्हें पत्र के जरिए सूचना दी जाएगी।
ओटीएस के लिए प्राधिकरण भवन के भूतल स्थित सिंगल विंडो काउंटर पर विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। यहां तैनात ऑपरेटर आवंटियों को योजना की पूरी जानकारी देंगे और ऑनलाइन आवेदन कराने में भी मदद करेंगे।
उपाध्यक्ष ने बताया कि यह योजना सभी प्रकार की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों, सरकारी संस्थाओं, स्कूल भूखंडों, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी से आवंटित संपत्तियों और सहकारी आवास समितियों पर लागू होगी।
श्री कुमार के अनुसार, जिन आवंटियों पर किश्तें समय से न जमा करने के कारण दंड ब्याज लगा है, उन्हें इस योजना में राहत मिलेगी। इस बार ओटीएस में मानचित्र और शमन मानचित्र से जुड़े बकायेदारों को भी शामिल किया गया है। जिन लोगों ने मानचित्र शुल्क समय पर जमा नहीं किया, उन्हें भी दंड ब्याज में छूट मिलेगी।
उन्होंने बताया कि आवेदन के 3 माह के भीतर निस्तारण, डिफॉल्ट अवधि का दंड ब्याज पूरी तरह माफ, केवल साधारण ब्याज देय, 30 दिन में पूरा भुगतान करने पर 2% की अतिरिक्त छूट, 50 लाख से अधिक बकाया होने पर आंशिक भुगतान के साथ किस्तों की सुविधा दी जायेगी।
एलडीए की यह पहल बकायेदारों को बड़ी राहत देने वाली है। प्रशासन का फोकस है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठाकर अपनी संपत्तियों का नियमितीकरण करा सकें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित