फगवाड़ा , जुलाई 20 -- लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) नीति के विरोध में पंजाब के फगवाड़ा बार एसोसिएशन की हड़ताल सोमवार को 14वें दिन भी जारी रही। वकीलों द्वारा न्यायिक कार्य से लगातार दूरी बनाये रखने के कारण अदालत परिसर में कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रविंदर शर्मा (नीता) और उपाध्यक्ष एडवोकेट रोहित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एलएडीसी नीति वकालत पेशे के हितों के खिलाफ है और इससे पारंपरिक कानूनी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने नीति को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि फगवाड़ा बार एसोसिएशन पंजाब और हरियाणा की सभी बार एसोसिएशनों के सामूहिक निर्णय के तहत इस आंदोलन में पूरी एकजुटता के साथ शामिल है।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंगलवार शाम तक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) या पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा न्यायमूर्ति विनोद भारद्वाज की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गयी, तो पंजाब और हरियाणा की बार एसोसिएशनों के सहयोग से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उपाध्यक्ष एडवोकेट रोहित शर्मा ने कहा कि वकील लंबे समय से इस नीति को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त करते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीति में संशोधन के संबंध में बार-बार दिये गये आश्वासन पूरे नहीं किये गये, जिसके कारण वकीलों को एक बार फिर अपने पेशेवर हितों की रक्षा के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने दोहराया कि एलएडीसी नीति में उचित संशोधन अथवा इसे वापस लिए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित