हैदराबाद , अक्टूबर 20 -- एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को अपने पूर्व प्रशिक्षक, सेवानिवृत्त विंग कमांडर कोचर के साथ 'किरण' ट्रेनर विमान में अपनी आखिरी उड़ान भरी। इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने जा रहे एयर चीफ मार्शल की भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में उड़ान यात्रा का यह एक तरह से पूर्ण चक्र पूरा होना है।

यह उड़ान इसलिए भी खास थी क्योंकि 'किरण' वही विमान है, जिसमें सिंह ने हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायु सेना अकादमी (एएफए) में अपनी उड़ान प्रशिक्षण की शुरुआत की थी। अपने शुरुआती दिनों में मार्गदर्शन करने वाले प्रशिक्षक के साथ उड़ान भरना, एक सैन्य पायलट के रूप में उनके सफर का एक प्रतीकात्मक समापन था।

एयर चीफ मार्शल ने 'किरण' विमान में दो उड़ानें भरीं। पहली उड़ान उन्होंने नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) की एक युवा महिला कैडेट के साथ भरी, जबकि दूसरी उड़ान अपने पूर्व प्रशिक्षक, 73 वर्षीय सेवानिवृत्त विंग कमांडर कोचर के साथ पूरी की। दूसरी उड़ान लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक चली।

यह अवसर पायलटों की एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जिम्मेदारी सौंपने का प्रतीक था और सैन्य पायलटों को तैयार करने में प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। श्री सिंह ने नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में अपने कार्यकाल के बाद, वायु सेना अकादमी में 'किरण' विमान से ही अपना उड़ान प्रशिक्षण शुरू किया था।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने पूर्व प्रशिक्षक, रिटायर्ड विंग कमांडर कोचर के साथ 'किरण' ट्रेनर विमान में अपनी आखिरी उड़ान को "सपना सच होने" जैसा बताया। इस उड़ान के साथ ही उनका फ्लाइंग करियर एक तरह से पूरा हो गया, क्योंकि 1984 में उन्होंने अपना पहला फ्लाइंग सबक इसी विमान में लिया था।

हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी में उतरने पर, एयर चीफ स्टाफ को 'वाटर कैनन सैल्यूट' दिया गया। यही वह जगह है, जहां से एक सैन्य पायलट के रूप में उनका सफर शुरू हुआ था।

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