नयी दिल्ली , मई 13 -- टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने विमान ईंधन की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्रों पर जारी प्रतिबंधों के बीच अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में जून से अगस्त के दौरान 27 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है।

एयरलाइंस ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वह जून से अगस्त के दौरान चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों को युक्तिसंगत बनायेगी। उसने इसके लिए "कई कारकों के संयुक्त प्रभाव" को जिम्मेदार ठहराया है जिनमें पश्चिम एशिया संकट के कारण कुछ इलाकों में हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों का जारी रहना और विमान ईंधन के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर प्रमुख हैं।

उसने कहा है कि जून से अगस्त के बीच वह हर महीने 1,200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन करेगी जो रोजाना औसतन 40 के करीब है।

सूत्रों ने बताया कि अभी एयरलाइंस औसतन हर दिन 55 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कर रही है। इस प्रकार उड़ानों की संख्या में 27 प्रतिशत की कटौती की गयी है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन बदलावों का उद्देश्य नेटवर्क की स्थिरता बनाये रखना और अंतिम क्षणों में यात्रियों को होने वाली असुविधाओं से बचाना है। पहले से जिन यात्रियों ने टिकट बुक करा रखे हैं उन्हें दूसरी विमानों में सीट देने में एयरलाइंस मदद करेगी।

एयर इंडिया का कहना है कि वह जून से अगस्त तक हर सप्ताह उत्तर अमेरिका के लिए में 33, यूरोप के लिए 47, ब्रिटेन के लिए 57, ऑस्ट्रेलिया के लिए आठ और सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा सार्क क्षेत्र के लिए 158 और मॉरिशस के लिए सात उड़ानों का परिचालन करेगी।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण इस समय विमान ईंधन की कीमत रिकॉर्ड उच्चतम स्तर हैं। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमतों में हर महीने के लिए 25 प्रतिशत की सीमा तय कर दी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह राहत नहीं दी गयी है।

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