पटना , सितंबर 24 -- िहार और आसपास के क्षेत्रों के गंभीर रूप से बीमार नवजातों को बेहतर एवं समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना ने अपने नवजात गहन चिकित्सा इकाई की क्षमता को 12 से बढ़ाकर 18 बेड कर दिया है। विस्तारित एनआईसीयू का उद्घाटन गुरुवार को एम्स पटना के निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर डीन प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह, उप निदेशक (प्रशासन) श्री नीलोत्पल बाल, विभाग के चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
उद्घाटन के अवसर पर निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि एनआईसीयू में बेड की संख्या बढ़ने से गंभीर रूप से बीमार नवजातों को समय पर भर्ती कर आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि एम्स पटना नवजात चिकित्सा सेवाओं को लगातार मजबूत करने और उपचार के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बिहार एम्स एनआईसीयू दो अंतिम पटनाडीन प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी ने एनआईसीयू के विस्तार का स्वागत करते हुए इसे संस्थान की नवजात चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यूनिट के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन एवं अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
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