पटना, मार्च 15 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना ने नवजात शिशुओं को जीवन की सुरक्षित और स्वस्थ शुरुआत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नियोनेटोलॉजी विभाग के नेतृत्व में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) बिहार के सहयोग से एडवांस्ड नियोनेटल रिससिटेशन प्रोवाइडर कोर्स का आयोजन किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उन महत्वपूर्ण क्षणों में जीवन रक्षक कदम उठाने की क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया जब जन्म के तुरंत बाद नवजात को सांस लेने में कठिनाई होती है।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीन (एकेडमिक्स) डॉ. संजय पांडे और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ.अनूप कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु के जन्म के बाद के शुरुआती क्षण अत्यंत संवेदनशील होते हैं और यदि उसी समय प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी सही तरीके से हस्तक्षेप करें तो कई नन्हीं जिंदगियों को बचाया जा सकताहै।
इस अवसर पर आईएपी बिहार के अध्यक्ष डॉ. निगम प्रकाश नारायण और प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. चंद्रमोहन कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को नवजात आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करते हैं।
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