पटना , सितंबर 02 -- 1वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े (25 अगस्त से 08 सितंबर 2026) के अवसर पर नेत्र विज्ञान विभाग,अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बुधवार को नेत्रदान जागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया। इस पदयात्रा का उद्देश्य आम जनता में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित लोगों की दृष्टि बहाल करने में कॉर्निया प्रत्यारोपण के महत्व के बारे में जागरूक करना था। जागरूकता पदयात्रा का शुभारंभ प्रातः नौ बजे ओपीडी फोयर से हुआ। लगातार हो रही बारिश के कारण पदयात्रा को आईपीडी कनेक्टिंग कॉरिडोर के माध्यम से आईपीडी फोयर तक ले जाया गया। बारिश भी प्रतिभागियों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। पदयात्रा में संस्थान के विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग कर्मियों, आई बैंक काउंसलरों एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत नेत्र विज्ञान विभागाध्यक्ष, प्रो. (डॉ.) अमित राज के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने एम्स पटना नेत्र बैंक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मई 2025 में आई बैंक की स्थापना के बाद से अब तक 112 नेत्रदान प्राप्त किए जा चुके हैं। प्रो. (डॉ.) अमित राज ने देश में डोनर कॉर्निया की आवश्यकता और उपलब्धता के बीच मौजूद बड़े अंतर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में कॉर्नियल अंधत्व की समस्या को दूर करने के लिए लगभग 2.5 लाख कॉर्निया की आवश्यकता होती है जबकि वर्तमान में लगभग 50,000 कॉर्निया ही एकत्रित किए जा पाते हैं। उन्होंने इस अंतर को कम करने के लिए जन जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने की आबश्यकता पर जोर दिया।

कार्यकारी निदेशक, एम्स पटना, प्रो.(ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने जागरूकता पदयात्रा का नेतृत्व किया। उन्होंने आम जनता से नेत्रदान के लिए आगे आने तथा मांग और उपलब्धता के बीच के अंतर को कम करने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने एम्स पटना आई बैंक को कम समय में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी और इस नेक कार्य के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक महान एवं मानवीय कार्य है तथा इसमें जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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