देहरादून , अप्रैल 22 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में गुरुवार को छठवां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में देश के उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही, राज्य के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशिष्ट अतिथि एवं अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक), केद्र सरकार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 386 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की जाएगी।

एम्स निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रो डा मीनू सिंह ने बुधवार को यूनीवार्ता से बताया कि दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस के 2019 बैच सहित पूर्व बैच के दो छात्र, बी.एससी. नर्सिंग बैच 2021, एमडी/एमएस/एमडीएस बैच जुलाई 2022 एवं जनवरी 2023, एम.एससी. नर्सिंग के बैच 2023, एम.एससी. मेडिकल के बैच 2022, एमपीएच के जनवरी 2024 बैच, डीएम/एम.एच. जुलाई 2022 एवं जनवरी 2023 बेच तथा पीएचडी के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर कुल 23 पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, पांच रजत एवं पांच कांस्य पदक शामिल हैं।

प्रो सिंह ने बताया कि इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को 21 'सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस', पांच 'सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन' तथा 13 'सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर' भी प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा सात पदक पाने वाले एमबीबीएस के छात्र डॉ. देवांग अग्रवाल हैं, जिनको सात सर्टिफिकेट ऑफ़ ऑनर एवं एक सर्टिफिकेट ऑफ़ एक्सीलेंस भी मिल रहा है।

वहीँ, दूसरे स्थान पर दो पदक पाने वाली छात्रा डॉ. रश्मीत कौर हैं, जिनको 02 सर्टिफिकेट ऑफ़ एप्रीसिएशन एवं 03 सर्टिफिकेट ऑफ़ ऑनर भी मिल रहे है।

कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने एम्स की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि संस्थान वर्तमान में 49 विभागों के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी एवं उभरते स्वास्थ्य क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देते हुए टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एरोमेडिकल सेवाएं तथा एचईएमएस जैसी पहलें शुरू की हैं, जो विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान ने अब तक 1.5 लाख से अधिक सर्जरी, 7,000 से अधिक नवजात उपचार तथा हजारों टेलीमेडिसिन परामर्श सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं, जो क्षेत्र में बढ़ते विश्वास और संस्थान की उत्कृष्ट सेवाओं को दर्शाते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित