ऋषिकेश , अगस्त, 01 -- उत्तराखंड में दून पुलिस ने एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर में हुई लाखों रुपये की चोरी का सफल खुलासा करते हुए आंध्र प्रदेश के एक शातिर अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, तीन फर्जी आधार कार्ड, चोरी में प्रयुक्त पेचकस तथा अन्य सामान बरामद किया गया है। आरोपी ने पूछताछ में ऋषिकेश के अलावा गुजरात के राजकोट स्थित अस्पताल परिसर में भी चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार 20 जुलाई 2026 को एम्स ऋषिकेश आवासीय परिसर निवासी रविन्द्र तिवारी ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात चोर उनके घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
लगातार प्रयासों के बाद 31 जुलाई की देर रात पुलिस ने काली माता मंदिर, सात मोड़ (देहरादून रोड) के पास से आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी मंडलपु शिवा अंजनेयुलू (43 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक पिट्ठू बैग में भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, तीन फर्जी आधार कार्ड और चोरी में इस्तेमाल किया गया पेचकस बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गंगा स्नान के बहाने हरिद्वार और ऋषिकेश आया था। एम्स परिसर में बीमारी का बहाना बनाकर कई दिनों तक घूमता रहा और बंद मकानों की रेकी करने के बाद एक घर का ताला तोड़कर चोरी की। इसके बाद उसने 27 जुलाई को गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी तरह चोरी की घटना को अंजाम दिया। गुजरात पुलिस से सत्यापन में यह जानकारी सही पाई गई और वहां भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि हुई।
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