ऋषिकेश , नवंबर 04 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कार्डियो डायबिटिक सोसाइटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में तीन दिवसीय छठवां राष्ट्रीय अधिवेशन प्रारंभ हुआ।
सम्मेलन का उद्घाटन एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक प्रो. आशुतोष विश्वास और एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर प्रो. आशुतोष विश्वास ने कहा कि कार्डियोडायबेटिक बीमारियाँ आज के समय की सबसे बड़ी चिकित्सकीय चुनौतियों में से एक हैं। भारत विश्व में मधुमेह प्रभावित देशों में अग्रणी है, ऐसे में हृदय और डायबिटीज से जुड़ी बीमारियों के लिए सशक्त निवारक नीति और रणनीति तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि मधुमेह रोगियों में बिना लक्षण दिखे भी हृदयाघात का खतरा बना रहता है, इसलिए जागरूकता और अनुसंधान अत्यंत आवश्यक हैं।
एम्स ऋषिकेश की निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन चिकित्सीय शिक्षा और अनुसंधान को दिशा देते हैं। व्यायाम, वजन नियंत्रण, निवारक एवं एकीकृत चिकित्सा दृष्टिकोण से ही इन बीमारियों पर नियंत्रण संभव है। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने कार्डियक ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी जैसे जटिल विषयों पर भी चर्चा की और कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित