ऋषिकेश , मई 20 -- उत्तराखंड के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में बुधवार को केन्द्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के आउटरीच सेल द्वारा नए श्रम संहिताओं एवं नियोक्ता अनुपालन विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय श्रमायुक्त, देहरादून दिनेश कुमार ने नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों और नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए क्षेत्रीय श्रमायुक्त ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे श्रम सुधारों का मुख्य उद्देश्य श्रमिक कल्याण को बढ़ावा देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा व्यापार करने में सुगमता लाना है। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताएं संस्थागत प्रशासन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

उन्होंने कर्मचारियों के वेतन, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंधों और शिकायत निवारण तंत्र से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि सभी संस्थानों के लिए इन कानूनों का प्रभावी अनुपालन आवश्यक है। साथ ही उन्होंने श्रम अनुपालन, संविदात्मक नियुक्तियों, कल्याणकारी योजनाओं तथा नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने क्षेत्रीय श्रमायुक्त का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम संस्थानों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि इससे नई श्रम संहिताओं से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों, संस्थागत दायित्वों और कार्यान्वयन प्रक्रियाओं को समझने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में उप निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल मेहरा, वित्त अधिकारी चांदराम, लेखा अधिकारी राजेंद्र कुमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मुकेश पाल, विधि अधिकारी प्रदीप चंद्र पांडे, डीएमएस डॉ. रवि कुमार, उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी अनिल चंद्र सिंह, डॉ. पूजा भदौरिया तथा कार्यवाहक प्रशासनिक अधिकारी सुभाष कुमार सहित संस्थान के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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