नैनीताल , अक्टूबर 15 -- उत्तराखंड में नीट काउंसलिंग के दौरान फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर आरक्षण का लाभ लेने के मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को आरक्षण का लाभ लेने वाले सभी अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने सभी प्रमाण पत्रों की गहन जांच और सत्यापन दो वर्ष के भीतर पूरा करने को कहा है।

नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने गुरुवार को यह आदेश पारित किया।

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