चंडीगढ़ , अगस्त 9 -- पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'शिक्षा क्रांति' का दावा करने वाली सरकार अब एमबीबीएस की फीस में भारी बढ़ोतरी कर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा के दरवाजे बंद करने की दिशा में बढ़ रही है।
श्री ढिल्लों ने रविवार को कहा कि सरकार के दावों और उसकी नीतियों में जमीन-आसमान का अंतर है। एक ओर 'शिक्षा क्रांति' के नाम पर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उच्च शिक्षा, खासकर मेडिकल शिक्षा, लगातार महंगी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आम परिवार जब अपने बच्चे को डॉक्टर बनाने का सपना देखता है तो सबसे बड़ी बाधा शिक्षा की बढ़ती लागत बन जाती है। ऐसे समय में फीस बढ़ाना सरकार के जनविरोधी रवैये को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पंजाब के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की फीस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस भी बढ़ी है, जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में पूरे पाठ्यक्रम की फीस करीब 21.48 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 25.22 लाख रुपये हो गई है। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा से जुड़ी अन्य फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल फीस बढ़ाने का मामला नहीं, बल्कि पंजाब के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। यदि सरकार शिक्षा को आम लोगों की पहुंच में रखने के बजाय लगातार महंगा करती रही तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चे केवल आर्थिक मजबूरियों के कारण मेडिकल शिक्षा से वंचित हो जाएंगे और डॉक्टर बनने का उनका सपना टूट जाएगा।
श्री ढिल्लों ने आप सरकार के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार निजी स्कूलों के विस्तार को नियंत्रित करने के लिए कानून और नीतियां बनाने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर खुद मेडिकल शिक्षा की लागत बढ़ा रही है। उन्होंने पूछा कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को आम जनता का अधिकार मानती है तो चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक पाठ्यक्रम को और महंगा क्यों किया जा रहा है?श्री ढिल्लों ने कहा, "शिक्षा क्रांति केवल विज्ञापनों में दिखाने से नहीं आती। वास्तविक शिक्षा क्रांति तब होगी, जब पंजाब के गरीब किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार का बच्चा बिना असहनीय आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा हासिल कर सके। लेकिन आप सरकार की नीतियां इसके बिल्कुल विपरीत दिशा में जा रही हैं।" उन्होंने पंजाब सरकार से तत्काल एमबीबीएस फीस में की गई बढ़ोतरी वापस लेने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि आर्थिक तंगी किसी भी मेधावी पंजाबी छात्र के डॉक्टर बनने के सपने में बाधा न बने।
श्री ढिल्लों ने कहा कि आप सरकार की कथित 'शिक्षा क्रांति' अब विज्ञापनों में नहीं, बल्कि फीस के आंकड़ों में दिखाई दे रही है और यही आंकड़े सरकार की वास्तविकता पंजाब की जनता के सामने उजागर कर रहे हैं।
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