मुंबई , अक्टूबर 06 -- महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के बार-बार पेपर लीक होने के खिलाफ पुणे में जारी छात्रों का आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बुधवार या गुरुवार को पुणे पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने की संभावना है। वर्तमान में इस आंदोलन की अगुवाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत एमपीएससी के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच के लिए एक विशेष न्यायिक समिति के गठन की सिफारिश की थी। हालांकि, मुख्यमंत्री का यह कदम प्रदर्शनकारी छात्रों और उम्मीदवारों की मांगों पर खरा नहीं उतरा है। छात्र एमपीएससी के वर्तमान अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

विपक्षी नेताओं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत, एनसीपी विधायक रोहित पवार और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया है कि श्री भीमनवार के मुख्यमंत्री के साथ करीबी संबंध हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि कथित तौर पर पेपर लीक मामले के मुख्य सूत्रधार श्री भीमनवार के खिलाफ अब तक कोई कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।

इससे पहले रविवार को संजय राउत और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुणे में छात्रों से मुलाकात की थी, जबकि सोमवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी पुणे पहुंचे और आंदोलनकारी छात्रों से संवाद किया।

श्री राज ठाकरे ने पुणे में छात्रों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया, "एमपीएससी अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए राज्यपाल और उच्चतम न्यायालय की अनुमति आवश्यक होती है। यह 1950 का नियम है और राज्य सरकार के पास सीधे तौर पर अध्यक्ष को हटाने का अधिकार नहीं है।"श्री ठाकरे ने छात्रों से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील करते हुए कहा, "भूख हड़ताल ही एकमात्र रास्ता नहीं है। आइए हम समस्या की जड़ तक पहुंचे और इसका स्थाई समाधान निकालें।" उन्होंने छात्र प्रतिनिधियों को 9 या 10 अक्टूबर को दादर (मुंबई) स्थित अपने निवास 'शिवतीर्थ' पर विस्तृत चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।

इस बीच, मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने भी सोमवार को पुणे में छात्रों से मुलाकात कर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को विकराल रूप दिया जाएगा।

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