मुंबई , जुलाई 27 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग निरीक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से लीक होने का आरोप लगाते हुए सरकार को मामले की जांच के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर पुणे और मुंबई सहित पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
"महाराष्ट्र का पेपर लीक का काला अध्याय" शीर्षक से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में श्री पवार ने डिजिटल साक्ष्य जारी करते हुए दावा किया कि 22 मार्च 2026 को आयोजित ड्रग निरीक्षक परीक्षा का लगभग 90 प्रतिशत प्रश्नपत्र परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च को नंदुरबार की एक अकादमी के कुछ छात्रों को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्न और उत्तर भेजने के बाद संदेशों को 'डिलीट फॉर ऑल' कर दिया गया, लेकिन एक छात्र ने उन्हें डाउनलोड कर आगे भेज दिया। इससे डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रह गये।
श्री पवार ने आरोप लगाया कि ड्रग निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों की भर्ती में भ्रष्टाचार सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने हाल में जहरीले कफ सिरप से 22 बच्चों की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी लीक प्रश्नपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करता है तो उसकी प्राथमिकता जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के बजाय खर्च की गयी रिश्वत की भरपाई करना होगी।
उन्होंने एमपीएससी के शीर्ष नेतृत्व की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की समीक्षा और पारंपरिक ऑफलाइन परीक्षा व्यवस्था बहाल करने की मांग की। साथ ही सरकार से 10 दिनों के भीतर मामले की विस्तृत जांच, संबंधित अकादमियों का फोरेंसिक ऑडिट और कथित षड्यंत्र के जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनकी पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
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