हमीरपुर , जुलाई 6 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मिड-डे मील (एमडीएम) की निगरानी में लापरवाही बरतने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मिड-डे मील के फोटोग्राफ और जियोटैगिंग रिपोर्ट समय पर उपलब्ध न कराने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मुकेश खरवार ने 800 से अधिक प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। विद्यालय खुलने के बाद इसे जिले की अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।
बीएसए मुकेश खरवार ने बताया कि जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि प्रत्येक विद्यालय से प्रतिदिन मिड-डे मील ग्रहण करते विद्यार्थियों के फोटोग्राफ और जियोटैगिंग रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए। इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि एक जुलाई को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद शनिवार से कराई गई जांच में बड़ी संख्या में विद्यालयों में निर्देशों का पालन नहीं पाया गया। खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर 800 से अधिक प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बीएसए के अनुसार, कुरारा और सुमेरपुर विकासखंड में करीब 130 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। अन्य सभी विकासखंडों में भी कार्रवाई की गई है। सबसे अधिक लापरवाही मौदहा विकासखंड में सामने आई है। जांच के दौरान कुछ विद्यालयों में मिड-डे मील तैयार नहीं किए जाने की भी जानकारी मिली है। ऐसे विद्यालयों को अलग से चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
जिले में कुल 968 परिषदीय प्राथमिक और जूनियर विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग साढ़े तीन हजार शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों का कहना है कि इन दिनों नामांकन अभियान के कारण अधिकांश शिक्षक प्रवेश प्रक्रिया में व्यस्त हैं, जिससे मिड-डे मील संबंधी कार्य प्रभावित हुए हैं।
बीएसए की इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है। कई विद्यालयों में मिड-डे मील व्यवस्था को दुरुस्त करने और आवश्यक खाद्य सामग्री की खरीद की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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