गोरखपुर , अप्रैल 15 -- महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) में विकसित भारत.विकसित उत्तर प्रदेश 2047 कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने विश्वविद्यालय परिसर में आयुर्वेद कॉलेज के अंतर्गत संचालित विश्व स्तरीय पंचकर्म केंद्र का भी भ्रमण किया।

श्री चंद्रशेखरन, पूर्वी उत्तर प्रदेश में पंचकर्म चिकित्सा की अत्यंत उत्कृष्ट व्यवस्था देखकर अभिभूत हो गए। इस वर्ल्ड क्लास पंचकर्म केंद्र का श्रेय उन्होंने मुख्यमंत्री एवं इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ के विजन को दिया।

मुख्यमंत्री के साथ पंचकर्म केंद्र का भ्रमण करते हुए टाटा संस के चेयरमैन ने यहां की सुविधाओं और चिकित्सा प्रणाली का गहनता से अवलोकन किया। अब तक पंचकर्म चिकित्सा के लिए दक्षिण भारत को ही महत्वपूर्ण माना जाता रहा है मगर जब टाटा संस के चेयरमैन को यह बताया गया है यहां देश के अनेक हिस्सों से लोग पंचकर्म चिकित्सा से लाभान्वित होने आ रहे हैं तो वह प्रफुल्लित हो उठे।

उन्होंने यहां के संसाधनों और सुविधाओं को वर्ल्ड क्लास बताते हुए मुक्तकंठ से सराहना की। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विश्वविद्यालय परिसर में स्थित मंदिर जाकर दर्शन पूजन भी किया।

एमजीयूजी में मंचीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री तथा टाटा संस के चेयरमैन के हाथों हैकाथॉन प्रतियोगिता विजेताओं में 25 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार आकाश यादव को 15 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार मनाली को, 10 हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार अभयनाथ सिंह को और पांच.पांच हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार ओम पांडेय, अंश गुप्ता, गौरव चौरसिया और सौम्या दूबे को प्राप्त हुआ। साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन के लिए 25 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार सोम सिंह को, 15 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार सत्यम सिंह को, 10 हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार उत्कृष्ट श्रीवास्तव को और पांच.पांच हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार अराध्य सिंह, धर्मवीर भारती, रोमेंद्र उत्तम, ऋषि दिवाकर, गौरव चौरसिया को प्राप्त हुआ।

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