मुंबई , फरवरी 28 -- शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने शनिवार को दावा किया कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामले में हो रही देरी के कारण उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से दूरी बनाने की सोच रहे थे।

श्री राउत ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि जब श्री अजित पवार सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा थे, तब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट पेश नहीं की थी। उन्होंने दावा किया कि श्री पवार इस देरी से असहज थे।

श्री राउत ने आगे आरोप लगाया कि श्री अजीत पवार और करीब 40 विधायकों ने जांच से राहत पाने के लिए श्री शरद पवार से अलग होकर सत्ताधारी गठबंधन का साथ दिया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय जिसकी उम्मीद थी, वह क्लोजर रिपोर्ट सामने नहीं आयी। उन्होंने कहा कि फाइल बंद करने के फैसले के लिए दिल्ली भेजी गयी थी, लेकिन वहां से आगे की जांच के निर्देश जारी किये गये। इसी वजह से श्री अजित पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में वापस लौटने पर विचार किया था।

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