मुंबई , फरवरी 06 -- रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए रेहन-मुक्त ऋण की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का फैसला किया है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की द्विमासिक बैठक के बाद शुक्रवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। वित्तीय समावेशन और ऋण उठाव बढ़ाने के उपायों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, "एमएमएमई के लिए रेहन-मुक्त ऋण की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। यह काफी लंबे समय के 10 लाख रुपये है।"केंद्रीय बैंक द्वारा विकास एवं नियामक नीतियों पर जानी बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य औपचारिक ऋण तक पहुंच बढ़ाना, उद्यमों को बढ़ावा देना और सूक्ष्म तथा मध्यम उद्यमों को वित्त पोषण उपलब्ध कराना है।
एमएसएमई बढ़ी हुई रेहन-मुक्त ऋण सीमा का लाभ एक अप्रैल 2026 से प्राप्त कर सकेंगे।
साथ ही केंद्रीय बैंक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से संबंधित नये दिशा-निर्देश भी जारी करेगा। इसमें फसल सीजन के मानकीकरण, केसीसी की अवधि बढ़ाकर छह साल करने और हर फसल सीजन के लिए ऋण सीमा तय करने संबंधी प्रावधान होंगे। इसके प्रारूप दिशा-निर्देश जल्द जारी किये जायेंगे।
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