मुरादाबाद , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश की निर्यात नगरी मुरादाबाद को वैश्विक उद्यमियों और निर्यातकों के लिए निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुरादाबाद स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एमएसईजेड) को अंतरराष्ट्रीय निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक जोन के विकास आयुक्त गोपाल मीणा, संयुक्त विकास आयुक्त पारस मणि त्रिपाठी तथा उप विकास आयुक्त आशीष रावलानी ने एमएसईजेड में उपलब्ध औद्योगिक भूखंडों, निवेशकों को दी जा रही सुविधाओं तथा निर्यात आधारित उद्योगों की संभावनाओं की समीक्षा की।
बैठक में भूखंड आवंटन, यातायात, सुरक्षा व्यवस्था तथा कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं का आपसी समन्वय से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मुरादाबाद मंडल औद्योगिक और निर्यात क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके।
बैठक में बसंतपुर रामराय वन ब्लॉक स्थित डियर पार्क के सौंदर्यीकरण एवं इको-टूरिज्म विकास के लिए संशोधित कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। ई-वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि गागन और रामगंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जून माह में 52 अवैध भट्टियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजनौर जिले में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर, देवदरा के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी कराने की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, यूपीसीडा, रेलवे, स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन, लघु उद्योग भारती, यंग एंटरप्रेन्योर सोसायटी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
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