बहराइच , अक्टूबर 23 -- उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव में शुक्रवार को बहराइच जिले के सात मतदान केंद्रों पर कुल 83.56 प्रतिशत मतदान हुआ। जिले में पंजीकृत 1,636 मतदाताओं में से 1,367 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के दौरान महसी मतदान केंद्र पर सर्वाधिक 95.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि कैसरगंज में सबसे कम 75.23 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र पंचायत कार्यालय भवन महसी में पंजीकृत 216 मतदाताओं में से 206 ने मतदान किया। यहां मतदान प्रतिशत 95.37 रहा। क्षेत्र पंचायत कार्यालय भवन पयागपुर में 269 मतदाताओं में से 234 ने वोट डाले और मतदान प्रतिशत 86.99 दर्ज किया गया।
मिहींपुरवा के क्षेत्र पंचायत कार्यालय भवन में 162 मतदाताओं में से 139 ने मतदान किया, जो 85.80 प्रतिशत रहा। तहसील कार्यालय भवन नानपारा में 252 मतदाताओं में से 207 ने वोट डाले और यहां मतदान प्रतिशत 82.14 रहा। तहसील कार्यालय भवन बहराइच में 464 मतदाताओं में से 373 ने मतदान किया, जो 80.39 प्रतिशत है।
क्षेत्र पंचायत कार्यालय भवन रिसिया में 59 मतदाताओं में से 47 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और मतदान प्रतिशत 79.66 रहा। वहीं, तहसील कार्यालय भवन कैसरगंज में पंजीकृत 214 मतदाताओं में से 161 ने मतदान किया, जिससे यहां मतदान प्रतिशत 75.23 दर्ज किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, जिले में मतदान करने वालों में 1,087 पुरुष और 280 महिलाएं शामिल रहीं। इस प्रकार कुल 1,367 मतदाताओं ने वोट डाले। इस बीच, मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव दिनभर भ्रमणशील रहे। दोनों अधिकारियों ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
जिलाधिकारी ने तहसील कार्यालय भवन बहराइच स्थित मतदान केंद्र के अंदर पहुंचकर मतदान प्रतिशत, मतदान कार्मिकों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने मतदान केंद्र के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों को शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने क्षेत्र पंचायत कार्यालय भवन रिसिया स्थित मतदान केंद्र का निरीक्षण कर मतदान प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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