भुवनेश्वर , अगस्त 28 -- इंडिया गठबंधन की ओडिशा इकाई ने शुक्रवार को खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का एलान किया है।
गठबंधन ने 29 सितंबर को ओडिशा विधानसभा का घेराव करने और इस कानून को तुरंत रद्द करने की मांग करने की घोषणा की।
विपक्षी गठबंधन ने संशोधित एमएमडीआर अधिनियम को 'ओडिशा विरोधी' बताते हुए केंद्र सरकार पर खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। गठबंधन ने चेतावनी दी कि इस कानून के ओडिशा के लिए गंभीर आर्थिक और सामाजिक परिणाम हो सकते हैं, विशेष रूप से खनन प्रभावित लोगों और आदिवासी समुदायों के लिए।
यहां कांग्रेस भवन में इंडिया गठबंधन के घटक दलों की एक संयुक्त बैठक में नेताओं ने पूरे राज्य में आंदोलन को तेज करने के लिए विस्तृत कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। बैठक में ओडिशा के खनिज संसाधनों को अधिक केंद्रीय नियंत्रण में लाने और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हित में उनके दोहन को बढ़ावा देने के प्रयास का कड़ा विरोध किया गया।
नेताओं ने जोर देकर कहा कि देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में से एक होने के नाते ओडिशा को अपने प्राकृतिक संसाधनों पर अपने जायज अधिकार बनाये रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधित कानून राज्य के आर्थिक हितों को खतरे में डालता है, खनिज संसाधनों पर इसके अधिकारों को कमजोर करता है और खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आजीविका और हितों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बताया कि 23 अगस्त को जिला स्तरीय संयुक्त बैठकों, 24 अगस्त को राज्यव्यापी जन जागरूकता अभियान और 25 अगस्त को राज्यव्यापी विरोध दिवस के आयोजन के साथ पूरे राज्य में आंदोलन पहले ही जोर पकड़ चुका है।
बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और ओडिशा की जनता को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया गया और दावा किया गया कि इन कार्यक्रमों को जबरदस्त जनसमर्थन मिला है।
आंदोलन के अगले चरण के तहत, संशोधित कानून के खिलाफ व्यापक समर्थन जुटाने के लिए इंडिया गठबंधन आठ सितंबर को भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करेगा।
इसके बाद गठबंधन प्रमुख खनन जिलों में जनसभाओं की एक शृंखला आयोजित करेगा। 13 सितंबर को क्योंझर, 17 सितंबर को सुंदरगढ़, 19 सितंबर को अनुगुल और 21 सितंबर को रायगड़ा में जनसभाएं आयोजित की जायेंगी।
इस आंदोलन का समापन 29 सितंबर को भुवनेश्वर में एक विशाल जनसभा के साथ होगा, जिसके बाद ओडिशा विधानसभा के प्रस्तावित घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में ओडिशा की खनिज संपदा को 'कॉर्पोरेट शोषण' की भेंट चढ़ने नहीं दिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य के खनिज संसाधन यहां की जनता के हैं और इनके दोहन से प्राप्त राजस्व को ओडिशा के विकास, कल्याणकारी योजनाओं और खनन प्रभावित समुदायों के हितों में लगाया जाना चाहिए।
गठबंधन ने सभी घटक दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों, खनन क्षेत्रों के ट्रेड यूनियनों, किसानों, आदिवासी समुदायों, युवाओं, महिलाओं, परिवहन यूनियनों और अन्य लोकतांत्रिक व जन-उन्मुख संगठनों से इस आंदोलन में शामिल होने और इसे एक व्यापक जन आंदोलन बनाने की अपील की।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास, सीपीआई के राज्य सचिव प्रशांत कुमार मिश्रा, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव सुरेश पानीग्रही, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के राज्य नेता राधाकांत सेठी, फॉरवर्ड ब्लॉक के राज्य महासचिव ज्योतिरंजन महापात्रा, एनसीपी के राज्य अध्यक्ष बिक्रम स्वैन, समाजवादी पार्टी के राज्य महासचिव रमाकांत हाथी और राजद के राज्य महासचिव हेमंत कुमार शामिल हुए।
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