कोडरमा , सितंबर 27 -- भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सह राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने कहा कि जब झारखंड का खनिज दूसरे राज्यों की तुलना में महंगा होगा तो खरीदार यहां से खनिज खरीदने में रुचि क्यों दिखाएगा।

श्री वर्मा ने आयरन ओर के क्षेत्र में भी उत्पादन और खनन गतिविधियों को प्रभावित होने का दावा किया।

भारतीय जनता पार्टी कोडरमा जिला की ओर से रविवार को शिव वाटिका झुमरी तिलैया में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सह राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी प्रदीप वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री विजय यादव ने किया।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदीप वर्मा ने एमएमडीआर एक्ट में हुए बदलाव को खनिज क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देश में खनिजों की उपलब्धता, कीमत और औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि झारखंड में खनिज आधारित उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बनाए रखने के लिए खनिजों की लागत कम होना आवश्यक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार द्वारा खनिजों पर अतिरिक्त सेस लगाए जाने के कारण राज्य का कोयला महंगा पड़ रहा है। उनके अनुसार, इससे उद्योग दूसरे राज्यों अथवा विदेशों से कोयला लेने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि झारखंड के कोयले की कीमत लगभग Rs.2,200 प्रति मीट्रिक टन, जबकि पश्चिम बंगाल का लगभग Rs.1,399 तथा छत्तीसगढ़ और ओडिशा का लगभग Rs.1,652 प्रति मीट्रिक टन पड़ रही है।

श्री वर्मा ने कहा कि जब झारखंड का खनिज दूसरे राज्यों की तुलना में महंगा होगा तो खरीदार यहां से खनिज खरीदने में रुचि क्यों दिखाएगा। उन्होंने आयरन ओर के क्षेत्र में भी उत्पादन और खनन गतिविधियों को प्रभावित होने का दावा किया। उन्होंने राज्य सरकार पर अवैध खनन को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि सरकार को खनन गतिविधियों से होने वाले राजस्व, रोजगार और उद्योग के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अतिरिक्त सेस का बोझ कम होगा और खनिज सस्ता होगा तो झारखंड के खनिजों की मांग बढ़ सकती है, जिससे खनन गतिविधियों, राजस्व और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सकती है।

केंद्र सरकार के अनुसार, 2026 के एमएमडीआर संशोधन के बाद राज्यों को खनन क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व में कमी नहीं की गई है और खनन राजस्व का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता है। वहीं, झारखंड सरकार की ओर से खनिज-युक्त भूमि पर सेस से जुड़े राजस्व के संबंध में अलग-अलग आपत्तियां और चिंताएं व्यक्त की गई हैं।

प्रेस वार्ता में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामनाथ सिंह, डॉ. नरेश पंडित, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश सिंह, नितीश चंद्रवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश यादव, अरसद ख़ान,बेदू साव, केदार यादव ,जयप्रकाश राम, सुभाष मोदी, गोपाल कुमार गुटुल,सुनीति सेठ,सबिता देवी,हरि पंडित ,इंद्रदेव वर्णवाल,मुकेश राम,नंदकिशोर सोनी,चंद्रशेखर जोशी,सुनील बड़गांवे,सत्यनारायण यादव,पप्पू भदानी,अंकित गुप्ता,कुलदीप राम,सुनील सिनहा,किशुन यादव,बैजनाथ यादव,सचिन कपसीमें,विशाल भदानी,बिनय कुमार बेलू,सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

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