अगरतला , सितंबर 04 -- त्रिपुरा के उनाकोटी ज़िले में कैलाशहर के रामकृष्ण महाविद्यालय में पिछले दो दिनों से तनाव का माहौल है।

यह तनाव सत्ताधारी पार्टियों से जुड़े दो छात्र संगठनों टिपरा मोथा समर्थित 'टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन' (टीआईएसेफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' (एबीवीपी) के बीच टकराव की वजह से पैदा हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपने को लेकर दो सितंबर को हंगामा शुरू हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि कॉलेज के प्राचार्य को कई घंटों तक अपने दफ्तर में ही रहना पड़ा। हिंसा को रोकने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार टीआईएसएफ के प्रतिनिधि प्राचार्य को ज्ञापन सौंपने कॉलेज पहुंचे थे। उनका कहना था कि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए कॉलेज प्रशासन और पुलिस प्रशासन से पहले ही मंज़ूरी मिल गयी थी।

ज्ञापन में कॉलेज में आदिवासी छात्रों की कथित शिकायतों और भेदभाव का ज़िक्र है। यह ज्ञापन आदिवासी छात्रों की चिंताओं और मांगों की वकालत करने वाले टिपरा मोथा पार्टी के छात्र संगठन के तौर पर टीआईएसएफ की भूमिका को दर्शाता है।

टीआईएसएफ के कार्यकर्ता जब कॉलेज के द्वार पर पहुंचे , तो कथित तौर पर अभाविप समर्थकों ने उन्हें अंदर जाने से रोका और 'मोथा' विरोधी नारे लगाये। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवानों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को तैनात करना पड़ा।

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