सिरसा , जुलाई 18 -- हरियाणा मे भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने शनिवार को डबवाली और कालांवाली के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गोदामों से ओपन मार्केट सेल्स स्कीम (ओएमएसएस) के तहत खरीदे गए सरकारी चावल के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए 24 जुलाई को पन्नीवाला रूलदु स्थित ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड के इथेनॉल प्लांट का घेराव करने की घोषणा की।
सिरसा में आयोजित प्रेस वार्ता में बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने दावा किया कि कंपनी ने एफसीआई कालांवाली से करीब पांच लाख गट्टे और एफसीआई डबवाली से 3.67 लाख गट्टे सरकारी चावल खरीदे थे। उनके अनुसार, यह चावल इथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन कथित तौर पर इसे विभिन्न राइस मिलों को 2,800 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर बेच दिया गया, जबकि सरकार ने इसे लगभग 2,320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकारी योजना के उद्देश्य को नुकसान पहुंचा और सरकारी राजस्व की भी हानि हुई।
श्री औलख ने कहा कि कंपनी के खिलाफ पहले भी नीम-कोटेड यूरिया के कथित दुरुपयोग का मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने फैक्ट्री पर वायु व ध्वनि प्रदूषण, भारी ट्रैफिक और किसानों के हिस्से के पानी के कथित दुरुपयोग के भी आरोप लगाए।
बीकेई ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 24 जुलाई को इथेनॉल प्लांट का घेराव किया जाएगा।
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