होशियारपुर , जुलाई 08 -- पंजाब में होशियारपुर की पुलिस ने कहा है कि उसे यह जानकारी नहीं है कि अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने मियानी हत्याकांड से जुड़े मामले को क्यों उठाया। पुलिस का अनुमान है कि भारत में दर्ज हत्या के मामले से बचने के लिए आरोपी स्वयं अमेरिकी एजेंसी के पास पहुंचे हो सकते हैं।

टांडा के डीएसपी दविंदर सिंह ने बुधवार को कहा, " हमें नहीं पता कि एफबीआई ने यह मामला क्यों लिया। संभव है कि हत्या के मामले में कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से आरोपियों ने स्वयं एफबीआई से संपर्क किया हो।"यह बयान उस समय आया है, जब अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा एक अभियोग (इंडिक्टमेंट) सार्वजनिक किया गया, जिसमें टांडा के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कथित तौर पर कुछ लोगों को पंजाब के एक हत्या मामले में फंसाने की धमकी देकर चार लाख अमेरिकी डॉलर की उगाही की साजिश में भूमिका निभाई। इन आरोपों के बाद पंजाब पुलिस ने नागरा को पुलिस लाइन भेजते हुए तथ्यात्मक जांच के आदेश दिये हैं।

पुलिस के अनुसार, मामला 15 जनवरी को टांडा थाना क्षेत्र के मियानी गांव स्थित सतकर्तार हार्डवेयर शॉप में हुई गोलीबारी से जुड़ा है। मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावरों ने करीब सात चक्र फायरिंग की थी, जिसमें दुकान मालिक बलविंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि लखविंदर सिंह घायल हो गये थे। इस संबंध में टांडा थाने में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 20 दर्ज की गयी थी।

डीएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश गुरलाल सिंह उर्फ गोलू, गुरदेव सिंह उर्फ जस्सल और चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी ने कथित रूप से रची थी। तीनों घटना के समय विदेश में रह रहे थे और अभी भी विदेश में ही हैं।

पुलिस का आरोप है कि मृतक के रिश्तेदार चरणजीत सिंह ने पारिवारिक विवाद के कारण हत्या की सुपारी दिलायी थी। चरणजीत की बेटी का तलाक बलविंदर सिंह के पुत्र से हुआ था, जिसके बाद यह विवाद पैदा हुआ। पुलिस के अनुसार, चरणजीत ने गुरलाल सिंह के जरिए शूटरों की व्यवस्था करायी।

पुलिस ने बताया कि गोली चलाने वाले तीनों कथित शूटर गिरफ्तार किये जा चुके हैं और जेल में हैं। विदेश में रह रहे आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किये गये हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं और जांच लगभग पूरी हो चुकी है।

उधर, अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जग्गू भगवानपुरिया गिरोह से जुड़े 17 लोगों के खिलाफ अभियोग दायर किया गया है।

अभियोग में आरोप लगाया गया है कि भारत की जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया कथित तौर पर गिरोह का संचालन कर रहा था और भारतीय पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने लॉस एंजिलिस में रहने वाले कुछ लोगों को पंजाब के झूठे हत्या मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे 4 लाख अमेरिकी डॉलर की उगाही करने की कोशिश की।

हालांकि, अमेरिकी कानूनी व्यवस्था के तहत इंडिक्टमेंट केवल आरोपों का दस्तावेज होता है, जिन्हें अदालत में साक्ष्यों के आधार पर साबित किया जाना अभी बाकी है।

इस बीच, पंजाब पुलिस ने इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को पुलिस लाइन भेजकर मामले की तथ्यात्मक जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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