अमृतसर , जुलाई 08 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने बुधवार को कहा कि अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई की कथित फिरौती और गैंगस्टर मामले की जांच में होशियारपुर के टांडा थाने के एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम सामने आने संबंधी रिपोर्टें बेहद गंभीर हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पंजाब में पुलिस, गैंगस्टरों, नशा तस्करों और सत्ताधारी तंत्र के बीच कथित गठजोड़ को लेकर उठ रहे सवाल और मजबूत हुए हैं।

प्रो ख्याला ने कहा कि यदि विदेशी जांच एजेंसियों के दस्तावेजों में पंजाब पुलिस के किसी अधिकारी का नाम सामने आता है, तो यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और सरकार के लिए चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में कानून का राज कमजोर हुआ है और अपराधियों के हौसले बढ़े हैं।

प्रो. ख्याला ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का ध्यान नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और प्रचार पर अधिक केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस अधिकारियों पर ही गैंगस्टरों से संबंधों के आरोप लगने लगें, तो आम जनता का भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की कथित 'जीरो टॉलरेंस' नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है। उनके अनुसार, नशे से युवाओं की मौतें, कारोबारियों से फिरौती की मांग, गैंगस्टरों की धमकियां और लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के कारण लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरवाद अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का रूप ले चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशों में बैठे अपराधी पंजाब में फिरौती और टारगेट किलिंग जैसे अपराधों को संचालित कर रहे हैं तथा जेलों से भी आपराधिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी विभिन्न अवसरों पर पंजाब में नशे के कारोबार और पुलिस की कथित भूमिका को लेकर गंभीर टिप्पणियां की हैं। उनके अनुसार, यदि किसी भी स्तर पर पुलिस या प्रशासन की मिलीभगत नहीं हो तो इतने बड़े पैमाने पर नशे का कारोबार संभव नहीं है।

प्रो. ख्याला ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर हो, दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा अपराध, गैंगस्टरवाद और नशा माफिया के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का समर्थन करती है और पंजाब में भी बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

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