भोपाल , सितंबर 03 -- मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान अपनी उपज पैदा करे और उसके मूल्य का बड़ा हिस्सा किसी अन्य के पास चला जाए, यह व्यवस्था टिकाऊ नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के किसान उत्पादक से निर्यातक बनें और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) इस दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रहे हैं।

श्री तोमर यहां फार्मर्स कंसोर्टियम फॉर एग्रीकल्चर एंड अलायड सेक्टर के ऑनलाइन मंच के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में इफको के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सहकारी संघ के अध्यक्ष दिलीप संघानी, एफएमसीएएस के अध्यक्ष तथा नाफेड के निदेशक अशोक ठाकुर सहित एफपीओ प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती केवल उत्पादन नहीं, बल्कि किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना, बाजार तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना, भंडारण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और व्यापारिक क्षमता विकसित करना रही है। यदि किसान अकेले बाजार में जाएगा तो उसकी बिक्री क्षमता सीमित रहेगी, लेकिन संगठित होकर उपज का संग्रह, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और सामूहिक विपणन करने से उसकी शक्ति कई गुना बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ देश में एफपीओ को बढ़ावा देने की पहल की गई थी, जिसका उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादक के रूप में सीमित रखने के बजाय उत्पादन की पूरी मूल्य शृंखला में भागीदार बनाना है। देश में बड़ी संख्या में एफपीओ का गठन हो चुका है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब आवश्यकता है कि एफपीओ टिकाऊ और व्यापार समर्थ संस्थाओं के रूप में विकसित हों।

श्री तोमर ने कहा कि एफपीओ के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बाजार से जोड़ने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे प्रधानमंत्री के किसानों को उत्पादक से निर्यातक बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने ऑनलाइन मंच के निर्माण के लिए एफएमसीएएस के अशोक ठाकुर एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल एफपीओ को सक्षम, आत्मनिर्भर और व्यावसायिक संस्थाओं के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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