नयी दिल्ली , मार्च 25 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को उद्योग जगत से गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हुए विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने के लिए आग्रह किया।श्री गोयल आज यहां मालाबार चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय सीएसआर घोषणा और छात्रवृत्ति वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। व्यवसाय जगत से समाज के जरूरतमंद लोगों के कल्याण और उत्थान में सहयोग करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक दान की भावना भारतीय लोकाचार का अभिन्न अंग है। उन्होंनेसमावेशी विकास और सामूहिक प्रयास परवल देते हुए कहा कि ये विकसित भारत 2047 की कुंजी हैं।

भारत के लिए व्यापार के बढ़ते अवसरों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने विश्व की कई उन्नत अर्थव्यवस्थाओं को शामिल करते हुए 38 विकसित देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इन समझौतों से वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से में तरजीही बाजार पहुंच मिलती है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय उद्योग, किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों और कारीगरों को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देकर इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि इन समझौतों ने भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए वैश्विक बाजारों को कम या शून्य शुल्क पर खोल दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन और सेवाओं पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने पर लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), किसान, मछुआरे और कारीगर जैसे क्षेत्रों को इस विस्तारित बाजार पहुंच से काफी लाभ होगा।

श्री गोयल ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के लिए शुद्ध लाभ का 5 प्रतिशत आवंटित करने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया जो वैधानिक आवश्यकताओं से कहीं आगे जाता है और दूसरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि समूह द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व को जिस प्रतिबद्धता के साथ अपनाया गया है, वह वास्तव में सराहनीय है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कई अन्य लोगों के लिए एक आदर्श बनेगा।

उन्होंने कहा कि दान की भावना भारतीय समाज की संस्कृति में गहराई से समाई हुई है, जहां समाज के सभी वर्गों के लोग सहज रूप से जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं। सीएसआर ढांचे ने हालांकि भागीदारी बढ़ाने में योगदान दिया है, लेकिन निर्धारित स्तरों से परे की पहल सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

समावेशी विकास पर जोर देते हुए श्री गोयल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक सक्षम और अवसर का हकदार है, और सरकार सभी के लिए भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को विकसित भारत की ओर अग्रसर होने में भागीदार बनाना है। उन्होंने सभी हितधारकों से नागरिकों को विकसित भारत 2047 के विजन में योगदानकर्ता के रूप में देखने का आह्वान किया और एकता और सामूहिक प्रयास के महत्व पर जोर दिया।

वाणिज्य मंत्री मंत्री ने यह भी कहा कि व्यापार और रसद को प्रभावित करने वाले चल रहे संघर्षों सहित वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत अपनी आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने पर केंद्रित है। उन्होंने देश के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों को बढ़ाने हेतु भाषा प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहित कौशल विकास और क्षमता निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा, पोषण और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने वाली पहलें देश के विकास पथ में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहल सामाजिक विकास में व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगी और उन लोगों के लिए अवसरों का विस्तार करने में मदद करेगी जिन्हें अभी तक इन अवसरों तक पहुंच नहीं मिली है।

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