, Oct. 23 -- मास्को, 23 अक्टूबर (स्पूतनिक) एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन से इतर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद अहम बैठक सकती है।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह संभावित बैठकपूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रही है।
यह उच्च स्तरीय बैठक दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में आयोजित होने वाले एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है, जो अगले महीने 18-19 तारीख को होने वाली है।
श्री पेस्कोव ने संवाददाताओं से कहा, " यह स्पष्ट है कि यह बैठक पूरे विश्व का ध्यान खींच रही है। जब रूस, चीन और अमेरिका जैसे शीर्ष राष्ट्रों के नेता एक साथ मिलते हैं, तो यह स्वाभाविक रूप से एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बन जाती है।"श्री पेस्कोव ने यह भी बताया कि नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में त्रिपक्षीय प्रारूप में होने वाली अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों की वार्ता होगी। इस बैठक में सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा होगी।
श्री पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा, " पहले से किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अबू धाबी में नवंबर के पहले पखवाड़े के लिए प्रस्तावित यह वार्ता त्रिपक्षीय रूप में होगी। राष्ट्रपति पुतिन ने वार्ता के विषयों को रेखांकित किया है, जो शांतिपूर्ण समझौते के क्रियान्वयन के बाद रूस और यूक्रेन दोनों देशों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं।"प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि रूस-यूक्रेन दोनों के लिए सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा किए बिना यूक्रेनी संकट का कोई व्यापक समाधान संभव नहीं है।
श्री पेस्कोव ने कहा, " यह कहना अभी कठिन है कि आगे की चर्चाएं किस प्रारूप और किन प्रतिभागियों के साथ होंगी, लेकिन अन्य हितधारकों को शामिल किए बिना यूरोपीय सुरक्षा ढांचे पर बात करना असंभव होगा। फिलहाल यह वार्ता त्रिपक्षीय प्रारूप से शुरू होगी।"उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था को लेकर रूस का मानना है कि कोई भी देश अपनी विचारधारा या दृष्टिकोण दूसरों पर न थोपे।
श्री पेस्कोव ने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 'गैस निर्यातक देशों के मंच' (जीईसीएफ) और 'रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन' की तैयारियों में जुटे हैं।
श्री पेस्कोव ने कहा, " राष्ट्रपति अगले सप्ताह के कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि गैस निर्यातक देशों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित मंच आयोजित होने जा रहा है, जिसके साथ ही रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन के तहत पूरे तीन दिनों का कार्यक्रम निर्धारित है।"श्री पेस्कोव ने बताया कि अमेरिका के साथ हुए समझौतों के तहत रूसी डीजल की आपूर्ति शुरू हो चुकी है और यह सुचारू रूप से जारी रहेगी।
इससे पहले स्पूतनिक ने पोत ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार रिपोर्ट किया है कि रूसी डीजल ईंधन से भरा एक टैंकर प्रिमोर्स्क बंदरगाह से रवाना होकर न्यूयॉर्क की ओर बढ़ रहा है।
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