हैदराबाद , अक्टूबर 06 -- भारत के युवा तीरंदाजी स्टार एशियाई खेलों के ऐतिहासिक अभियान से पदक, उपलब्धियां और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान लेकर लौटे हैं। उनके प्रदर्शन ने रिकर्व और कंपाउंड दोनों ही कैटेगरी में उभरती प्रतिभाओं की गहराई को दिखाया है, और इनमें से कई युवा तीरंदाज अब भारत के लिए बड़ी भूमिकाएं निभाने जा रहे हैं।

अगली चुनौती जल्द ही आने वाली है, क्योंकि 8 अक्टूबर को हैदराबाद में आर्चरी प्रीमियर लीग (एपीएल) का सीज़न 2 शुरू हो रहा है। इस लीग में भारत की प्रमुख युवा प्रतिभाएं और जाने-माने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एक साथ आएंगे। इसका 15-सेकंड का शूटिंग फ़ॉर्मेट खेल में तेज़ी, दबाव और फ़ैसला लेने की क्षमता को और बढ़ा देगा। इनमें से कुछ पदक विजेताओं के लिए यह एक जाना-पहचाना मंच होगा, जबकि दूसरों के लिए यह एपीएल के माहौल का पहला अनुभव होगा।

1. कुमकुम मोहोद (17)एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक ने कुमकुम मोहोद की शानदार सफलता की कहानी में एक और अध्याय जोड़ दिया है। 17 साल की कुमकुम एशियाई खेलों के इतिहास में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय रिकर्व तीरंदाज बनीं। वह उस भारतीय महिला रिकर्व टीम का भी हिस्सा थीं जिसने अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ मिलकर इस इवेंट में दक्षिण कोरिया के 28 साल के दबदबे को खत्म किया। उनकी सफलता की कहानी में शंघाई और अंताल्या में जीते गए विश्व कप स्वर्ण पदक भी शामिल हैं। सीज़न 1 में खेल चुकीं कुमकुम, हैदराबाद में एपीएल सीज़न 2 के लिए 'चेरो आर्चर्स' टीम के साथ वापसी कर रही हैं।

एशियाई खेल पदक: स्वर्ण - महिला व्यक्तिगत रिकर्व; महिला रिकर्व टीम; रजत - मिश्रित रिकर्व टीम।

2. कीर्ति शर्मा (20)कीर्ति शर्मा का एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना एक ऐसी तीरंदाज के लिए शानदार वापसी थी, जिसे कभी कहा गया था कि वह धनुष पकड़ने के लिए बहुत कमज़ोर (पतली) है। हरियाणा की इस युवा खिलाड़ी ने अंकिता भकत और कुमकुम मोहोद के साथ मिलकर महिला रिकर्व टीम इवेंट में दक्षिण कोरिया के 28 साल के दबदबे को खत्म किया। उनके पिता, जो एक छोटे किसान हैं, ने उन्हें रिकर्व बो (धनुष) दिलाने के लिए 60,000 रुपये का लोन लिया था। बाद में कीर्ति ट्रेनिंग के लिए अपने घर से लगभग 1,350 किलोमीटर दूर हजारीबाग चली गईं। मैड्रिड में वर्ल्ड कप स्टेज 4 के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद, कीर्ति अब हैदराबाद में पृथ्वीराज योद्धास के साथ एपीएल में अपना डेब्यू कर रही हैं।

एशियाई खेलों का मेडल: गोल्ड - महिला रिकर्व टीम।

3. पृथिका प्रदीप (18)पृथिका प्रदीप का एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल, जूनियर कॉम्पिटिशन से सीनियर इंटरनेशनल स्टेज तक उनके तेज़ी से आगे बढ़ने का एक और अहम पड़ाव है। 18 साल की पृथिका भारत की उस महिला कंपाउंड टीम का हिस्सा थीं जिसने गोल्ड जीता था। उन्होंने मैड्रिड में वर्ल्ड कप स्टेज 4 में दो मेडल भी जीते हैं - इंडिविजुअल ब्रॉन्ज़ और टीम सिल्वर। उन्होंने 2025 एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर मेडल भी जीते। एपीएल के पहले सीज़न का अनुभव लेने के बाद, पृथिका हैदराबाद में सीज़न 2 के लिए चेरो आर्चर्स के साथ वापसी कर रही हैं। वह लीग के 15-सेकंड वाले फ़ॉर्मेट का कीमती अनुभव साथ ला रही हैं।

एशियाई खेलों का मेडल: गोल्ड - महिला कंपाउंड टीम।

4. चिकिता तनिपार्थी (21)एशियाई खेलों में दो गोल्ड मेडल जीतने से चिकिता तनिपार्थी का युवा करियर एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। उन्होंने महिला कंपाउंड टीम का गोल्ड जीता और फिर साहिल जाधव के साथ मिलकर मिक्स्ड-टीम का खिताब भी अपने नाम किया। इस जीत से उन्होंने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत के लिए एलए28 कोटा हासिल किया। उनके इस सफ़र में परिवार की कई कुर्बानियां शामिल हैं; तेलंगाना के किसान उनके पिता श्रीनिवास राव ने उनकी ट्रेनिंग, यात्रा और इक्विपमेंट के खर्च के लिए परिवार का हार्वेस्टर बेच दिया था। वर्ल्ड यूथ चैंपियन और एपीएल के पहले सीज़न की खिलाड़ी रह चुकीं चिकिता, हैदराबाद में सीज़न 2 के लिए चोला चीफ्स के साथ वापसी कर रही हैं।

एशियाई खेलों के मेडल: गोल्ड - महिला कंपाउंड टीम; गोल्ड - मिक्स्ड कंपाउंड टीम।

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