कोलकाता , अगस्त 8 -- नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सांसद अबू ताहेर खान और सांसद खलीलुर रहमान ने शनिवार को नबन्ना में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मुर्शिदाबाद में लोगों के कथित उत्पीड़न और मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने का मुद्दा उठाया।

बैठक के बाद श्री ताहेर ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री अधिकारी को एसआईआर से जुड़ी कई शिकायतों से अवगत कराया और मतदाता सूची से बाहर छूटे लोगों के लिए दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की।

श्री ताहेर ने कहा, "मुख्यमंत्री ने बताया कि एसआईआर में 27 लाख लोगों के नाम बाहर हुए हैं और उनमें से केवल सात लाख लोगों ने ही आवेदन किया है। बाकी 20 लाख लोगों ने आवेदन नहीं किया है। हमने उनसे कहा कि ग्रामीण इलाकों में कई लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं और दस्तावेजों को नहीं समझ पाते। सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए।"असली मतदाताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए श्री ताहेर ने कहा, "ज़रूरत पड़ने पर हम मुर्शिदाबाद के पांच लाख लोगों के लिए अदालत का रुख करेंगे। मुख्यमंत्री ने हमारे अनुरोध पर प्रतिक्रिया दी है और आश्वासन दिया है कि सरकार जो भी ज़रूरी होगा, वह करेगी।"एनसीपीआई सांसदों ने यह मांग भी की कि जिन 27 लाख लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभ मिलते रहने चाहिए। हालांकि, अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि केवल ट्रिब्यूनल जाने वाले लोग ही सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के पात्र होंगे।

दोनों सांसदों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। श्री ताहेर ने कहा, "लाउडस्पीकर के साथ जो हो रहा है वह दुखद है। हमने अनुरोध किया है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। हम सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नमाज़ के दौरान कोई समस्या न हो।"उन्होंने कहा, "कानून हिंदू और मुस्लिम दोनों के लिए समान होना चाहिए। पुलिस अतिरंजित तरीके से कार्रवाई कर रही है। लोगों को पर्याप्त समय दिए बिना लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं।" उन्होंने बताया कि उन्होंने यही मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री के सामने भी उठाया है। लाउडस्पीकर का मुद्दा राज्य में विवाद का एक बड़ा विषय बनकर उभरा है।

श्री अधिकारी ने बताया था कि पूरे पश्चिम बंगाल में धार्मिक स्थलों से 5,299 लाउडस्पीकर हटाए गए हैं, जिनमें से 4,203 मस्जिदों से और 1,096 मंदिरों से हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यह कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण मानकों पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2020 के फैसले के अनुसार की जा रही है।

दिलचस्प बात यह है कि श्री अधिकारी के साथ यह बैठक एनसीपीआई के भीतर मतभेदों की अटकलों के बीच हुई है। सर्वश्री ताहेर, खलीलुर और बहरामपुर के सांसद युसुफ पठान ने हाल ही में संकेत दिया था कि वे भाजपा या राजग के साथ नहीं हैं और वे राजग की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।

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