चंडीगढ़ , अप्रैल 24 -- हरियाणा सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 23 नये सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित किये जाएंगे, जिससे जुलाई तक इनकी संख्या 52 हो जाएगी। इसका उद्देश्य प्रदूषण स्तर में 30-35 प्रतिशत तक कमी लाना है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों को पांच प्रमुख सड़कों को 'धूल-मुक्त' मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये। परिवहन, निर्माण और औद्योगिक उत्सर्जन पर सख्ती से नियंत्रण करने पर जोर दिया गया।

वाहन प्रदूषण की निगरानी के लिए विशेष अभियान चलायेa जाएंगे। उन्नत तकनीक से चलते वाहनों की जांच कर नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। जल्द ही कैब और राइड-शेयरिंग सेवाओं के लिए एग्रीगेटर नीतिलागू की जाएगी, जिससे इन सेवाओं को नियामक ढांचे में लाया जा सके।

एनसीआर में डीजल ऑटो को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है, जो 31 दिसंबर तक पूरा होगा। 'नया सफर योजना' के तहत 1.9 लाख पुराने ट्रक और 16 हजार बसें बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदली जाएंगी।

औद्योगिक क्षेत्र में 889 में से 871 इकाइयों ने उत्सर्जन निगरानी प्रणाली लगा ली है। पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कमी दर्ज की गयी है।

नगर योजनाओं में धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार, ई-बसें, चार्जिंग स्टेशन और कचरा प्रबंधन शामिल हैं।इकतीस मार्च, 2027 तक पुराने कचरे के पूर्ण निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित