टिहरी , अगस्त, 8 -- उत्तराखंड में जनपद टिहरी में नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए टिहरी पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एएनटीएफ और जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए विवेचनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी नहीं करने के निर्देश दिए।
बैठक में थानों में दर्ज एनडीपीएस मामलों, लंबित विवेचनाओं, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, आरोप पत्र दाखिल करने की स्थिति, जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण तथा नशा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई। इसके अलावा पीआईटी -एनडीपीएस अधिनियम के तहत निरोधात्मक कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट के प्रकरणों और तस्करों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की भी जानकारी ली गई।
एसएसपी ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त आदतन और पेशेवर तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे आरोपियों के विरुद्ध पीआईटी -एनडीपीएस अधिनियम के तहत निरोधात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकता के अनुसार गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति जब्ती समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर तस्करों के आर्थिक स्रोतों और आपराधिक नेटवर्क को कमजोर करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से प्राप्त नशा तस्करी संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ऐसी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जब्त मादक पदार्थों के मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया। थाना प्रभारियों को न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर नियमानुसार केस प्रॉपर्टी का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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