मुंबई , जुलाई 27 -- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) और युवा कांग्रेस ने देशव्यापी परीक्षा भ्रष्टाचार, पेपर लीक तथा चरमराती शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर सोमवार को जोरदार हमला बोला और इसके साथ ही उन्होंने स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे को इस्तीफा देने के लिए 7 दिनों की सख्त समय सीमा दी है।

मुंबई के तिलक भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सागर सालुंके और युवा कांग्रेस मुंबई अध्यक्ष ज़ीनत शबरीन ने मंत्री दादा भुसे के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाला एक विशेष "रिपोर्ट कार्ड" जारी किया। इसमें पेपर लीक, शलार्थ आईडी घोटाला और बड़े पैमाने पर स्कूलों के बंद होने जैसी व्यवस्थागत विफलताओं को उजागर किया गया।

छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री एक सप्ताह के भीतर पद से हटने में विफल रहते हैं, तो राज्य भर में गहन विरोध प्रदर्शन शुरू किये जाएंगे। उनके आवास की ओर एक विशाल मार्च निकाला जायेगा।

श्री सालुंके ने दावा किया कि 1,200 से अधिक मराठी माध्यम के स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि कम नामांकन वाली नीतियों के कारण चिंताजनक रूप से 17,500 स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। इससे वंचित वर्ग के बच्चों को योजनाबद्ध तरीके से शिक्षा से दूर किया जा रहा है।

नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि 2014-15 में लड़कियों के माध्यमिक शिक्षा छोड़ने की दर 10.3 प्रतिशत थी। इसमें काफी बढ़ोतरी हुई है।

प्राथमिक शिक्षा की बदहाली की आलोचना करते हुये एनएसयूआई ने बताया कि मुंबई में 85 से 90 प्रतिशत शिक्षकों को बूथ स्तर के अधिकारी जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया गया है। इससे कक्षाओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और शिक्षकों में भारी मानसिक तनाव पैदा हो रहा है। उन्होंने उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर विश्वविद्यालयों के निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने एक अनुभवहीन विक्रेता को दिये गये 5 करोड़ रुपये के विवादास्पद टेंडर के कारण 11वीं कक्षा के ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल में आयी तकनीकी गड़बड़ियों को रेखांकित किया।

नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट से जुड़ी परेशानी के कारण आत्महत्या करने वाले नासिक के छात्र यश गोसावी को राज्य सरकार की 1 करोड़ रुपये की मुआवजा पाने वाले परिवारों की सूची से जानबूझकर बाहर कर दिया गया।

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