दीमापुर , मार्च 05 -- नागा छात्र संघ (एनएसएफ) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और मंत्री टेमजेन इमना अलोंग के राज्य विधानसभा में वंदे मातरम् पर दिये गये हालिया बयान पर सख्त नाराजगी जताते हुए इसकी निंदा की है।

संघ ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि श्री अलोंग 20 फरवरी को साफ तौर पर विरोध जताने के बावजूद राज्य के संस्थानों में भारतीय राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को 'थोपने' को सही ठहराने की बात को जारी रखे हुए हैं।

संघ ने कहा कि उसने पहले भी गृह मंत्रालय द्वारा जारी किये गये उन निर्देशों का साफ तौर पर विरोध किया था, जिसमें आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान राष्ट्रगान 'जन गण मन' से पहले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' बजाना या गाना जरूरी बताया गया था और ऐसे निर्देशों को शैक्षणिक संस्थानों तक बढ़ाने की कोशिश की थी। संघ के मुताबिक वंदे मातरम् का हिंदू देवी-देवताओं की पूजा से जुड़ा एक मजबूत और पक्का धार्मिक मतलब है।

संघ ने कहा, "नागालैंड विधानसभा या नागा भूमि के किसी भी सार्वजनिक संस्थान में ऐसे गीत को जबरदस्ती गाने या सांस्थानिक बनाने की कोई भी कोशिश सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 371(ए) के तहत दी गई भावना और सुरक्षा उपायों का उल्लंघन है, जो नागा लोगों के खास धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों की रक्षा करता है।"संघ ने कहा कि गीत को पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष और ऐतिहासिक दिखाने की कोशिश जानबूझकर उन समुदायों की जायज चिंताओं को नजरंदाज करती है जिनकी आस्था और सांस्कृतिक पहचान इसकी धार्मिक छवि से मेल नहीं खाती है।

संघ ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि श्री अलोंग ने सार्वजनिक रूप से ऐसी बात का बचाव करने का फैसला किया है। इसने कहा कि ऐसा लगता है कि वह नागा लोगों के अधिकारों और भावनाओं की रक्षा करने की बजाय दिल्ली में अपने राजनीतिक बॉस को खुश करने में अधिक चिंतित हैं।

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